सौर फोटोवोल्‍टाइकी

सीईएल , ने सौर ऊर्जा का दोहन करने की अपनी प्रतिबद्धता के साथ, सौर फोटोवोल्‍टाइकी के क्षेत्र में नया परिदृश्‍य उपस्थित किया है। इस अत्याधुनिक स्क्रीन प्रिंटिंग तकनीक के साथ क्रिस्टलीय सिलिकॉन सौर सैलों और मॉड्यूलों का निर्माण करने के लिए एक एकीकृत उत्पादन सुविधा के समर्थन से, कंपनी ने ग्रामीण और औद्योगिक दोनों अनुप्रयोगों के लिए, भारत में और विदेशों में 5 लाख रुपए से अधिक एसपीवी प्रणालियों की आपूर्ति की है।. 

सीईएल अपनी मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता बढ़ाकर 40 MWp करने की प्रक्रिया में है और उत्पादन अगस्त 2014 से शुरू होने की उम्मीद है। 

सीईएल के उत्पाद को पूर्णत: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। पीवी मॉड्यूलों का आईईसी 61215 / 61730by टीयूवी, रीनलैंड के लिए परीक्षण किया जा रहा हैं। हमारे मॉड्यूलों का गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोत मंत्रालय के सौर ऊर्जा केन्द्र (एसईसी) (एमएनईएस) भारत सरकार द्वारा सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है।

सौर फोटोवोल्‍टाइकी – उपलब्धियां

अधिष्‍ठापनाएं वर्ष क्षमता (कि वा पी)
कल्‍याणपुर, उ.प्र. में भारत का प्रथम सौर ऊर्जा संयन्‍त्र 1993 100
एन एन आर फाउण्‍डेशन, चेन्‍नई में, भारत का प्रथम ग्रिड संयुग्मित ऊर्जा संयन्‍त्र 1993 10
ला मैग्‍डेलीना, क्‍यूबा में प्रथम अन्‍तर्राष्‍ट्रीय ऊर्जा संयन्‍त्र 1995 10
भारतीय खगोल भौतिक विज्ञान संस्‍थान, लददाख में विश्‍व का सबसे ऊचॉं सौर ऊर्जा संयन्‍त्र 1999 30
प्रथम & पंजाब ऊर्जा विकास अभिकरण, चण्‍डीगढ़ में प्रथम एवं सबसे बडा ग्रिड संयुग्मित बी आई पी वी 2002 25
ब्रहमकुमारी मानेसर में प्रथम सबसे बड़ा ऑफग्रिड ऊर्जा संयन्‍त्र 2006 200
अध्‍यापक प्रशिक्षण केन्‍द्र अफगानिस्‍तान 2006 15
मैट्रो भवन, नई दिल्‍ली 2008 5
राष्‍ट्रपति भवन, नई दिल्‍ली 2010 50
जन्‍तर मन्‍तर, नई दिल्‍ली 2010 9
एम एन आई ई (ग्रिड सुंयुग्मित +अनुठा) नई दिल्‍ली 2010 (20+2.5)
 ऊर्जा संयन्‍त्र, कारगिल  2011  2.5 (संख्‍या 30)
 एस एस बी, हिमाचल प्रदेश  2011  100 (संख्‍या 4)
 नगर निगम,  अगरतला  2012 100
 सी बी आर आई, रूड़की  2013 100
 आई आई पी, देहरादून  2013  130